डोंगरगाव गांव में दीवाली की अवधि में एक विशिष्ट उत्सव आयोजित किया गया है, जो स्थानीय संस्कृति और लोक कला को बरकरार रखने का प्रयास करता है। इस उत्सव में प्राचीन नाटक और दृश्य कला का विराजमान होना ग्रामीण समुदाय को संस्कृति के अनुभव में लगातार लगातार बनाए रखने में मदद करता है।