डॉ मुखर्जी, भारतीय जनसंघ के प्रसिद्ध नेता, अपने गहरे सोच और देश प्रेमी दृष्टिकोण के लिए प्रसिद्ध थे। उन्होंने एक एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं रह सकते यह मूल्य व्यक्त किया। यह उनके अंतरराष्ट्रीय भारत के संविधान के अंतर्गत एक समूहित और एकीकृत भारत के लिए निरंतर समर्थन को दर्शाता है।